होली पर एक विशेष आयोजन फागणिया फुटबॉल

होली रंगों का त्यौंहार, उत्साह, उमंग व आयोजनों का त्यौंहार। होली की मस्ती का अपना अलग ही आनंद है। मस्ती मे सरोबार लोग होली के रंग में ऐसे रंगते हैं कि बस देखते ही बनता है। राजस्थान के बीकानेर शहर   में होली ऐसे ही विशेष  अंदाज में मनाई जाती है। होलाकष्टक  से प्रारम्भ हुई होली की मस्ती धुलंडी के दिन तक जमकर रहती है। इसी मस्ती और उत्साह व उमंग के बीच बीकानेर में होली का एक विशेष  आयोजन होता है – फागणिया फुटबॉल का मैच। जी हॉं एक विशेष  प्रकार का फुटबॉल मैच जिसमें पुरुष  व महिलाएं दोनो की फुटबॉल खेलते हैं। बीकानेर के पुष्करणा   स्टेडियम में होने वाले इस आयोजन को देखने के लिए हजारों की संख्या में दर्शक   पहुंचते हैं।

बीकानेर में आयोजित होने वाले इस फागणिया फुटबॉल के मैच की शुरू  आत बीकानेर के वरिष्ट समाजसेवी स्व. श्री ब्रजरतन व्यास उर्फ ब्रजूभा ने की थी। आज वे दुनिया में नहीं है लेकिन उनकी याद में हर वर्ष  यह आयोजन उनको श्रद्धाजंली स्वरूप किया जाता है। इस मैच में होली पर स्वांग बने पुरुष  भाग लेते हैं। इसमें एक तरफ पुरुषों की टीम होती है तो दूसरी तरफ स्वांग बने महिलाओं की टीम। वास्तव में ये होते पुरुष ही है लेकिन महिलाओं का स्वांग धरे होते हैं।

holi_footballपुरुषों की टीम में जहॉं आपको ब्रह्मा, विष्णु , महेश  जैसे त्रिदेव दिखाई देंगे तो लालू यादव, मनमोहन सिंह, राहुल गॉंधी सहित अनिल अंबानी व तांत्रिक चंद्रास्वामी के स्वांग भी देखने को मिलेंगे। इन स्वांगों की महिला टीम में देवी दुर्गा, अम्बा होंगी तो सोनिया गॉंधी, मायावती, सानिया मिर्जा सहित विश्व  प्रसिद्ध हस्तियों के स्वांग भी दिखाई देंगें। मैच खेलते वक्त आपको देखने को मिलेगा कि सोनिया ने फुटबॉल को किक मारी और अटलबिहारी वाजपेयी ने उस किस को रोक लिया। जहॉं महादेव स्वयं बॉल लेकर आगे बढ़ते हैं तो मॉं पार्वती महादेव को रोकने के लिए आती है। इसी जगह पर गोलकीपर के रूप में आपको भगवान गणेश  दिखाई दे जाएंगे। लालू बॉल क पीछे पीछे भागते हैं तो मायावती बॉल को छिनने के लिए सामने से आती है। अमिताभ बच्चन गोल करना चाहते हैं तो माधुरी उनको रोकती है। इसी तरह हॅंसी मजाक के बीच यह फुटबॉल का मैच खेला जाता है। स्वांग धरे इन किरदारों के मैच को देखने के लिए लोगों का हूजूम उमड़ पड़ता है और इस मैच में रैफरी के रूप में आपको हाथ में हंटर लिए कोई भी किरदार दिखाई दे जाएगा।

इस मैच में एक जमाने में स्वर्गीय ब्रजरतन व्यास उर्फ ब्रजूभा स्वयं रैफरी की भूमिका निभाते थे। पूरे शरीर  पर काला रंग लगाए और हाथ में चाबुक लिए ब्रजूभा सारे खिलाड़ियों को नियंत्रित करते थे। वर्तमान में यह दायित्व कन्हैयालाल रंगा उर्फ कन्नॅ भाई जी निभाते हैं। इसी के साथ शहर   के नौजवान, बुजुर्ग सहित बच्चे भी इस फुटबॉल मैच में हिस्सा लेते हैं। फागणिया फुटबॉल के इस मैच का साल भर लोगों को इंतजार रहता है और होली के दिनों में लोग एक दूसरे से पूछते रहते हैं कि कब है ये मैच। इस मैच में हिस्सा लेने वाले एक युवा उदयकुमार व्यास से बात करने पर उसने कहा कि हमारे लिए यह मैच गर्व का प्रतीक है और हम इसके लिए काफी तैयारी भी करते हैं। मैच के आयोजकों में से एक दिलीप जोशी   ने बताया कि मैच से दो दिन पहले मैदान तैयार करवाया जाता है ताकि खिलाड़ियों को तकलीफ न हो और दर्शक  भी आसानी से यह मैच देख सके। मैच में हर वर्ष   महिला किरदार निभाने वाले राम जी रंगा ने हमें बताया कि वे इस स्वांग का रूप धारण करने के लिए हजारों रूपये खर्च करते हैं और रूपये खर्च करना कोई विशेष  बात नहीं है जितनी विशेष   बात परम्परा को निभाना है। मैच के रैफरी कन्हैयालाल रंगा ने बताया कि वे हर वर्ष  इस मैच के माध्यम से पानी, बिजली बचाने का या सब को पढ़ाने का या स्वास्थ्य सही रखने का संदेश  भी स्वांग के माध्यम से देते हैं।

वर्तमान में यह फागणिया फुटबॉल का मैच अपनी विशेष   पहचान बना चुका है। बीकानेर से बाहर रहने वाले लोग कलकत्ता, चेन्नई, जोधपुर, फलोदी, नागौर, पोकरण, जैसलमेर, मम्बई, हैदराबाद आदि आदि जगहों से होली के रंग में सरोबार होने और इस मैच की स्मृतियॉं अपने मानस पटल पर सजीव करने के लिए बीकानेर आते हैं। अगर आप भी इस मैच में खेलना चाहते हैं या देखना चाहते हैं तो आपका बीकानेर में स्वागत है, आईए और रंग जाईए बीकानेर की इस विशिष्ट   होली में.

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