Life Shayari Archive

हमें पसंद नहीं जंग में चालाकी यारो…
जिसे निशाने पर रखते हैं…
बता कर रखते हैं !!

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अपने खिलाफ बाते बड़ी खामोशी से सुनती हूँ मैं,
ऐ दोस्तों जवाब देने का ज़िम्मा मैंने वक्त को दे रखा है !!

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छोटा सा गाँव मेरा पूरा बिग बाजार था
एक नाई, एक मोची, एक काला लुहार था

छोटे छोटे घर थे, हर आदमी बङा दिलदार था
कही भी रोटी खा लेते, हर घर मे भोजऩ तैयार था

बाड़ी की सब्जी मजे से खाते थे जिसके आगे शाही पनीर बेकार था
दो मिऩट की मैगी ना, झटपट दलिया तैयार था

नीम की निम्बोली और शहतुत सदाबहार था
छोटा सा गाँव मेरा पूरा बिग बाजार था

अपना घड़ा कस के बजा लेते
समारू पूरा संगीतकार था

मुल्तानी माटी से तालाब में नहा लेते, साबुन और स्विमिंग पूल बेकार था
और फिर कबड्डी खेल लेते, हमे कहाँ क्रिकेट का खुमार था

दादी की कहानी सुन लेते,कहाँ टेलीविज़न और अखबार था
भाई -भाई को देख के खुश था, सभी लोगों मे बहुत प्यार था

छोटा सा गाँव मेरा पूरा बिग बाजार था

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वो एक शक़्स मुझे अपने क़रीब लगता है
खुद से करूँ जुदा तो अजीब लगता है

ये बेक़रारी, ये बेचैनी, ये कशिश कैसी
उसका मिलना मुझे अपना नसीब लगता है

कभी मीठी सी बातें, कभी हर बात पे झगड़े
ये याराना बड़ा दिलचस्प, बे-तरतीब लगता है

मोहब्बत की मंज़िल का पता न मिल सके फिर भी
कई सदियों का रिश्ता ये मेरे हबीब लगता है

उसके होने से जो सज जाती थी महफ़िलें
उसके बग़ैर ये शहर बड़ा गरीब लगता है

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ख़्याल कितना है.

Posted September 9, 2017 By admin

एक परवाह ही बताती है कि*
ख़्याल कितना है..!!*

वरना कोई तराजू नहीं होता*
रिश्तो में…!!!*

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हर रोज़ चुपके से निकल आते है नये पत्ते,
यादों के दरख्तों मे मैने कभी पतझड़ नहीं देखा…!

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Ristey Hindi Shayari

Posted September 5, 2017 By admin

रिश्ते जोर से नहीं., तमीज़ से थामे जाते है.

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