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अब किसी और के वास्ते ही सही,,
पर अदाए उनकी आज भी वैसी ही हैं…

वो कहते हैं छोटे कपडे पहनती हैं इसलिए रेप होते है…

वो माँ बिलख उठी ……..पांच साल की बच्ची को साड़ी कैसे पहनाऊं …?

एक परवाह ही बताती है कि*
ख़्याल कितना है..!!*

वरना कोई तराजू नहीं होता*
रिश्तो में…!!!*

हर रोज़ चुपके से निकल आते है नये पत्ते,
यादों के दरख्तों मे मैने कभी पतझड़ नहीं देखा…!

रिश्ते जोर से नहीं., तमीज़ से थामे जाते है.

एक बार और उलझना हैं तुमसे … बहुत कुछ सुलझाने के लिये..

शुक्र है कि मौत सबको आती है,वरना अमीर तो इस बात का भी मजाक उड़ाते,कि गरीब था इसलिए मर गया .


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